समाचार पत्र के संपादक को पत्र लिखने के 8 विभिन्न प्रारूप

समाचार पत्र के संपादक को पत्र लिखने के तरीके को सबके लिए जानना और समझना बहुत ही आवश्यक है। क्योंकि इसका हमें कई परिस्थितियों में जरुरत पड़ सकता है।

जैसे कि जब आपने क्षेत्र में व्याप्त अनियमितता को सरकार तक पहुँचाना चाहते हो, या फिर अपने व्यक्तिगत राय को दुनिया से साझा करना चाहते हो। इसीलिए छात्रों को कक्षा में संपादक को पत्र लिखने की विधि सिखाया जाता है।

इस ब्लॉग द्वारा हम पाठकों के लिए बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करेंगे, जिससे वे पेशेवर तरीके से संपादक को पत्र लिखना सीख सकेंगे। इसमें हम आपको पूरा यकीन देतें है, कि हम आपको निबंध जैसे लहजे से बोर नहीं करेंगे। चलिए शुरू करते हैं…!

1. भ्रष्टाचार पर संपादक को पत्र

राजेश कुमार
Q-12,नेहरू स्ट्रीट
रामनाथपुरम,
कोयम्बटूर

दिनांक:-12-10-2022

सेवा में,
संपादक महोदय,
दैनिक भास्कर,
कोयम्बटूर
विषय:- भ्रष्टाचार एक गंभीर समस्या।
माननीय,
संपादक महोदय,

मैं आपके समाचार पत्र “दैनिक भास्कर” के माध्यम हमारे देश में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अपनी चिंता व्यक्त करना चाहता हूँ। भ्रष्टाचार भारत जैसे देश के लिए बहुत ही गंभीर मामला है। क्योंकि हमारे देश का अधिकतर नागरिक आज भी अपने अधिकारों और विशेषाधिकारों से बिलकुल भी अनभिज्ञ है, और इसी कमी का फायदा सत्ताधारी उठाते हैं।

हमारे देश का विधि व्यवस्था, अन्य देशों की तुलना में अधिक सशक्त और मजबूत है। परन्तु सत्ता में बैठे कुछ भ्रष्टाचारी राजनेताओं, और सरकारी अधिकारियों के कारण, हमारे देश की विधि व्यवस्था में जनता का भरोसा कम हो चुका है। भ्रष्टाचार के कारण आम जनता को प्रत्येक छोटे-छोटे कामों को पूरा करवाने के लिए, पैसों की मदद लेना पड़ता है, जो काम वास्तविक रूप से निशुल्क होता है।

हालाँकि ऐसा भी नही कि, सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए है। सरकार अपने तरफ से पूरी कोशिश में लगा हुआ है। लेकिन इस लड़ाई में हम सब मिलकर भी सरकार की मदद करेंगे तो निश्चय ही यह काम करना सरकार के लिए भी आसान होगा। सरकार भी सुनिश्चित करें कि कोई भी भ्रष्ट अधिकारी, नेता बक्शे ना जाएँ। उन सभी पर कड़ी करवाई हो। प्रत्येक सरकारी काम में सरकार पारदर्शिता को सुनिश्चित कराएँ। चाहे रोड बनवाना हो, बिल्डिंग बनवाना हो। यह भी निर्दिष्ट करें कि सरकारी पदों में परिवारवाद ना पनपे, क्योंकि परिवारवाद भी बहुत हदतक भ्रष्टाचार को उसकाता है।

अंत में, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप अपने समाचार पत्र द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कसने की कोशिश करें। साथ ही आम जनता में जागरूकता फैलाएं कि किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार का सहयोग नही करें, और इसके खिलाफ आह्वान करें। यह एक गंभीर समस्या है, जिसपर तुरंत निपटा नहीं जा सकता। परन्तु अगर सभी भारतवासी मिलकर सहयोग करें, तो हल आवश्य निकलेगा।

भवदीय,
राजेश कुमार
रामनाथपुरम,

2. जल समस्या पर संपादक को पत्र

पूजा दास
Q-29,
कुन्नूर रोड
ऊटी, नीलगिरी

दिनांक :- 05-10-2022

सेवा में,
संपादक महोदय,
दैनिक जागरण,
नीलगिरी
विषय:- जल समस्या पर निदान हेतु पत्र।
माननीय,
संपादक महोदय,

अपने प्रदेश का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मैं आपका ध्यान अपने क्षेत्र के जल समस्या की ओर आकर्षित कराना चाहती हूँ। मेरा गाँव में जलाशयों की कोई कमी नही है। लेकिन पेयजल के शुद्ध स्रोतों की संख्या, गाँव की जनसंख्या के तुलना में काफी कम है।

पुरे गाँवभर में मात्र पांच चापाकल है। हालाँकि वर्षा ऋतू के समय पेय जल की कोई दिक्कत नही होती है, परन्तु जैसे जैसे ग्रीष्म मौसम आते हैं, ये नलकूप सूखने लगते हैं। पर्यावरणीय दुष्प्रभावों के कारण जलस्तर काफी नीचे जा चुका है। साथ ही नियमित मेंटेनेंस के अभाव में पिछले हफ्ते ही दो चापकालें ख़राब हो चुकी है। नतीजन अब मात्र तीन चापाकलों पर पुरे गाँव का जलापूर्ति निर्भर है।

हालाँकि पिछले साल ही सरकारी योजना के तहत सोलर जल मीनार लगवाने का स्वीकृति मिल गया था, परंतु विभागीय शिथिलता से योजना अब तक लागू नही हो पाया। मैंने इस समस्या को प्रखंड स्तर के अधिकारियों तक उठाया, परंतु कई अथक प्रयासों के वाबजूद भी इस दिशा में कोई पहल नही की गयी और मैं असफल रही।

मैं चाहती हूँ कि इस जन-समस्या के मुद्दे को आप अपने प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक जागरण के माध्यम से सरकार एवं, जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाएं, ताकि आम जनता को इस समस्या से जल्द ही निजात मिल सके।

विश्वासभाजन
पूजा दास
ऊटी, नीलगिरी

3. बढ़ती महंगाई पर संपादक को पत्र

रोहित कुमार
कल्याणपुर, चास
मेन रोड
बोकारो

दिनांक:- 20-07-2021

सेवा में
मुख्य संपादक
दैनिक भास्कर
बोकारो
विषय:- बढ़ती महंगाई पर अपनी चिंता व्यक्त
माननीय,
संपादकीय महाशय,

मैं इन पत्र के माध्यम से आपका ध्यान इस साल जारी हुए आम बजट की ओर तथा बढ़ती महंगाई की ओर खींचना चाहूँगा। खाद्य, गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं, परंतु सरकार की ओर से इस साल भी माध्यम वर्ग परिवारों को कोई विशेष छुट प्रदान नही किया गया। अन्तराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम कीमतों में कमी होने के वाबजूद, हमारे देश में ना तो गैस सिलिंडर सस्ते हुए, और ना ही पेट्रोल-डीजल। नतीजन प्रत्येक आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कोई कमी देखने नही मिला।

सरकार को इस संकट से निपटने के लिए पुनः आम बजट में सुधार की आवश्यकता है। उन्हें कम आय वाले परिवारों के जीवन यापन की लागत को कम करने के तरीकों को खोजने की आवश्यकता है। यदि वे ऐसा कदम नहीं उठाते हैं, तो मुद्रास्फीति और बदतर हो जाएगी, और इसका हमारी अर्थव्यवस्था और हमारे समाज पर सिर्फ और सिर्फ नुकसान ही होगा।

मैं चाहूँगा कि आप इस आलोचना को अपने समाचार पत्र में विशेष स्थान देने की कृपा करें, और प्रकाशित करें, ताकि निम्न आय वर्ग के पक्ष की आवाज सरकार तक पहुंचे। आपके कीमती वक़्त देने के लिए, आपका बहुत-बहुत शुक्रिया।

भवदीय
रोहित कुमार
चास, बोकारो

4. बिजली संकट पर संपादक को पत्र

प्रिया सिंह
मुरमा, बुंडू
स्टेशन रोड, रांची

दिनांक :- 23-03-2022

सेवा में
मुख्य संपादक
दैनिक प्रभा
रांची
विषय:- बढ़ती बिजली संकट पर चिंता व्यक्त
माननीय,
संपादकीय महाशय,

इस पत्र के माध्यम से मैं अपने क्षेत्र में व्याप्त बिजली संकट से आपको अवगत कराना चाहूंगी। मौजूदा समय में इंसानों का जीवन-यापन बिना बिजली के संभव ही नहीं है। हम सभी जानते हैं कि गर्मियों के समय पर बिजली की खपत अधिक बढ़ जाता है। नतीजन ट्रांसफार्मरों में ओवरलोड होता है। इसी ओवरलोड के कारण हमारे इलाके के कुछ ट्रांसफार्मर ख़राब हो चुके है।

इन समस्याओं से सम्बंधित बिजली विभाग को अवगत कराया गया, परन्तु आश्वासन के अलावा कुछ नही मिला। अभी ग्रीष्म ऋतू चल रहा है और अगले कुछ ही महीनों में वर्षा ऋतू शुरू होने वाले हैं। अगर बिजली विभाग समय रहते उपयुक्त कदम नही उठती है, तो वर्षा ऋतू शुरू होने पर मरम्मत कार्यों को कर पाना असंभव होगा। बिजली संकट के कारण प्रदेश के कई काम बाधित हुए है। इंटरनेट व्यवस्था, बिजली से चलने वाले मिल आदि बंद पड़े है।

मैं इस पत्र द्वारा आपसे आग्रह करती हूँ कि आप अपने अखबारों के माध्यम से इस बिजली संकट को उच्च स्तरीय अधिकारीयों तक हमारे इस परेशानी से अगवत कराने में हमारी मदद कीजिए। साथ ही बिजली का निजी प्रयोजन से उपयोग करने वाले लोगों में नवीकरणीय और अक्षय उर्जा स्रोतों की ओर झुकाव बढ़ाएं।

भवदीय
प्रिया सिंह
बुंडू, रांची

5. संपादक को अपनी रचना प्रकाशित करने का अनुरोध करते हुए पत्र।

राकेश सिंह
08, चंदेरी कॉलोनी,
स्टेशन रोड
अशोकनगर

दिनांक :- 04-01-2023

सेवा में
मुख्य संपादक
दैनिक जागरण
अशोकनगर
विषय:- रचना प्रकाशित करने का अनुरोध करते हुए पत्र।
माननीय,
संपादकीय महाशय,

मेरे पत्र लिखने का उद्देश्य, अपनी रचना “द फ्यूचर ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” को आपके अखबार के माध्यम से लोगों में “एआई” से सम्बंधित जागरूकता बढ़ाना है। मेरा अनुरोध है कि आप इस रचना को अपने अखबार में प्रकाशित करें। मुझे पूर्णतया विश्वास है कि यह रचना आपके पाठकों के लिए लाभदायक होगा । इस लेख में एआई में नवीनतम प्रगति एवं इसके व्यापार, आर्थिक-सामाजिक जीवन तथा अन्य क्षेत्रों पर पड़ने वाले व्यापक प्रभाव के संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा किया गया है।

लेख की शुरुवात में एआई के संक्षिप्त इतिहास का वर्णन किया गया है। इसके बाद विभिन्न प्रकार के एआई तकनीक पर चर्चा किया गया। साथ ही कई एआई टूल्स जैसे कि ChatGPT, Bard आदि के संभावनाओं पर भी गहनता से चर्चा किया गया है। लेख में पक्षपात और सुरक्षा जैसी एआई की चुनौतियों पर भी जोर दिया गया है। सबसे अंत में, समाज पर एआई के संभावित प्रभाव जैसे कि नई नौकरियों की संभावनाएं, स्वास्थ्य सुधार और जलवायु परिवर्तन में एआई की मदद से समाधान पर विशेष विचार-विमर्श किया गया है।

मेरा मानना है कि यह लेख अच्छी तरह से लिखित और जानकारीपूर्ण है, और पाठकों को एआई से संबंधित लाभों और जोखिमों पर एक संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करता है। मुझे आशा है कि आप “एआई” से संबंधित इस लेख को अपने समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित करने पर विचार करेंगे। अपना कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

विश्वासभाजन
राकेश सिंह
स्टेशन रोड, अशोकनगर

6. अपनी कविता प्रकाशित करवाने का अनुरोध करते हुए संपादक को पत्र

आरती कुमारी
14/5
छोटा गोविंदपुर
मानगो, जमशेदपुर
पूर्वी सिंहभूम

दिनांक:- 22-02-2023

सेवा में
मुख्य संपादक
प्रभात खबर
पूर्वी सिंहभूम
विषय:- कविता प्रकाशित करवाने का अनुरोध करते हुए पत्र
माननीय,
संपादकीय महाशय,

मेरे पत्र लिखने का उद्देश्य, अपनी काव्य रचना “स्त्रीत्व निर्वहन” को आपके अखबार के माध्यम पाठकों तक पहुँचाना है। यह कविता “स्त्रीत्व निर्वहन” में स्त्री के जीवन में आनेवाले जिम्मेदारियों और विकट परिस्थितियों के बारे में अति मार्मिकता से पेश किया गया है कि आखिर स्त्रियों का जीवन पुरुषों से किस तरह अलग है। आज भले ही हम इक्कीसवीं सदी में पहुँच चुके हो, परंतु समाज का एक बड़ा तबका आज भी स्त्रियों के काम यानी गृहणी दायित्व को तुच्छ मानते है।

आधुनिक समाज के इसी रुढ़िवादी सोच को बदलने के लिए ही मैं इस कविता को दुनिया के समक्ष पेश करने में आपकी मदद चाहती हूँ। इनके शादीशुदा जिंदगी के शुरू होने के बाद से रिटायर्ड ना होने पुरे संघर्षशील जीवन के कहानी को इस छोटे से कविता के माध्यम से अभिव्यक्त करने की कोशिश की हूँ। इस कविता की भाषा काफी सरल रखने की कोशिश की हूँ, ताकि हर वर्ग के पाठकों के मन-मस्तिस्क को छू जाए।

मैंने इससे पहले भी कई कवितायेँ आप के ही अखबारों के माध्यम से प्रकाशित की हूँ। जिसमें मुझे सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिली हैं। “समाज का कागज़”, “दफ्तरी बाबु”, “धरती की पुकार”, “नायब तोहफ़ा” आदि उन्हीं लेख और कविताओं में से हैं।
मुझे पूर्णतया विश्वास है कि, इस कविता के प्रति आपका सकरात्मक प्रतिक्रिया रहेगी।

विश्वासभाजन
आरती कुमारी
जमशेदपुर, पूर्वी सिंहभूम

7. महानगरों में महिला सुरक्षा पर समाचार पत्र के संपादक को पत्र

प्रकाश पटेल
7/2, मेन रोड, हिनो
हेसातु, नगरी
रांची

दिनांक :- 19-06-2022

सेवा में
मुख्य संपादक
दैनिक प्रभा
रांची
विषय:- महिला सुरक्षा पर संपादक को पत्र
माननीय,
संपादकीय महाशय,

किसी भी समाज का विकास तभी संभव है, जंहा महिलाएं भी पुरुषों के सामान सुरक्षा महसूस करें। परंतु बीते कई सालों से हमारे महानगरों में अखबारों के पन्नों को पलटे, तो ऐसा प्रतीत होता है, कि महिलाएं महानगरों के सार्वजनिक स्थानों में भी असुरक्षा महसूस करते हैं।

कई यूट्यूबर्स प्रैंक्स रिएक्शन वीडियोस बनाने के नाम पर आते जाते स्कूल, ऑफिस, या बाज़ार आते जाते महिलाओं को परेशान भी कर रहे हैं। हमारे महानगरों में महिलाओं की सुरक्षा में सुधार के लिए कई बदलाव किये जाने अभी बाकी है, जैसे कि सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस गतिविधियों को बढ़ाना, सार्वजनिक स्थानों पर अधिक रोशनी प्रबंध कराना, बेहतर सार्वजनिक परिवहन तथा लैंगिक समानता आधारित शिक्षा और जागरूकता फैलाना है।

मेरा आपसे आग्रह है कि, आप इस महत्वपूर्ण मुद्दे के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अपने मंच का उपयोग करें। हमें महानगरों के अलावा हर जगह के महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

विश्वासभाजन
प्रकाश पटेल
हिनो, रांची

8. प्रखंड कार्यालय में व्याप्त अनियमितता पर संपादक को पत्र ।

कीर्ति शर्मा
क्यू-23
झुमरी तेलैया
सुभाष चौक
कोडरमा

दिनांक :- 13-10-2022

सेवा में
मुख्य संपादक
हिन्दुस्तान
कोडरमा
विषय:- कार्यालय में व्याप्त अनियमितता पर संपादक को पत्र
माननीय,
संपादकीय महोदय,

विगत कई दिनों से हमारे झुमरी तेलैया प्रखंड के कई महत्वपूर्ण कार्य बाधित हो रहे हैं। छात्रों को जाति प्रमाणपत्र, आवासीय प्रमाणपत्र, तथा किसानों को मिलने वाले सरकारी योजनाओं आदि का लाभ मिल नही रहा है। इसके कई सारे वजह है। इसका सबसे बड़ा मूल वजह है कि कई सारे विभागों में पद महीनों से खाली पड़े है।

इसी वजह से जो काम हफ्तेभर भर में हो जाना चाहिए वह काम महीनेभर में भी नही हो पा रहा है. इसी वजह से लोगों के काम लम्बें समय से अटके पड़े हुए है. जिन लोगों को अपने काम जल्दी करवाना होता है, उनलोगों से ऑफिस कर्मचारी पैसों उगाही करते हैं. नतीजन ऐसी परिस्थितियाँ भ्रष्टाचार को भी बढ़ाने में अच्छी भूमिका निभाते हैं.

माननीय सम्पादकीय महोदय, मेरा आपसे विनती है कि, हमारे इस महत्वपूर्ण समस्या को अखबारों के द्वारा उच्च अधिकारीयों तक पहुंचाने में हमारी मदद कीजिए. इसमें मुझे पूर्णतया विश्वास है कि, इस गंभीर मुद्दे पर आपका सकरात्मक प्रतिक्रिया रहेगी।

विश्वासभाजन
कीर्ति शर्मा
झुमरी तेलैया, कोडरमा

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