एक विद्यार्थी की दिनचर्या कैसी होनी चाहिए | जो सफलता दिलाए

एक कुशल और संतोषजनक दैनिक दिनचर्या स्थापित करना और उस पर टिके रहना कई लोगों के लिए एक चुनौती है। कई लोग ढेर सारा काम एक साथ करने की प्रयास करते हैं, और अंत में निराशा ही हाथ लगता है। जब ऐसा होता है, तो व्याकुल महसूस करते और निराश होकर अपने ही द्वारा बनायें दिनचर्या से परेशान हो जाते है।

एक रूटीन का निर्माण इस तरह करना है, जो व्यवाहारिक हो, आपकी आवश्यकताओं को पूरा करे और साथ ही आपके उद्देश्यों के करीब ले जाए।

इस बात को समझें कि यदि आपका दिन योजना के अनुसार नहीं जाता है तो कोई बात नहीं। अनुकूल होना और स्वयं को क्षमा करना इन समायोजनों को बनाए रखने की कुंजी है।

यदि आपको नियमित दैनिक कार्यों में व्यवस्थित होने में परेशानी हो रही है, तो यह लेख आपको कुछ उपयोगी सुझाव देगा। अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन कैसे करें और अपने लक्ष्यों तक कैसे पहुँचें, इस बारे में यह लेख कई मदद करेगा।

दिनचर्या किसे कहते हैं

किसी विशिष्ट लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन अपने जीवन में कार्यों की एक नियमित श्रृंखला को दोहराते रहना, दिनचर्या कहलाता है। दिनचर्या को अंग्रेजी में “रूटीन” कहते हैं। सटीक और व्यवहारिक रूटीन के आधार पर जीवन को ढालने से हमारी उत्पादकता और दक्षता दोनों बढ़ता है। इससे से जीवन में अनुशासन आता है। और अनुशासन ही सफलता का एकमात्र रास्ता है। इसलिए हमारे जीवन में दिनचर्या होना आवश्यक है।

दिनचर्या कैसी होनी चाहिए

अब सवाल है, कि दिनचर्या बनाये कैसे…? विद्यार्थी जीवन की दिनचर्या कैसा होना चाहिए, जो विद्यार्थी जीवन को अधिक उत्पादक एवं सफल बनाएं।

अनुकूलनशील और लचीला:- ऐसा समयसारणी बनाइयें जिसका अनुसरण करना आसान हो। बदलते परिस्थितियों या अप्रत्याशित घटनाओं से निपटने के लिए दिनचर्या में अनुकूलनशील और लचीलापन होना आवश्यक है।

मुल्यांकन करें:- दिनभर में किये गये कार्यों को, रात में पुनरवलोकन करके ज्ञात कीजिए कि कौन सा कार्य अधुरा रह गया। अधुरे कार्यों में कंहा कमी थी और इसे बेहतर बनाने के लिए क्या किया जा सकता है। यह मुल्यांकन प्रक्रिया आपको बेहतर बनाने में मदद करता है।

रोज योजना बनाएं:- सुबह उठने के तुरंत बाद या रात को सोने से पहले अगले दिन की कार्यों की प्लानिंग करें। नही तो किस कार्य को सबसे पहले करना होगा, इस संबंध में अनिश्चिता बने रहता है।

कठिन विषयों को प्राथमिकता:- अक्सर छात्र जीवन में हमारी मंशा, कठिन कार्यों को सबसे अंत में करने का आदत रहता है। यह गलत आदत है। क्योंकि सारे कार्य संपन्न करने के बाद, अंत तक हर कोई थकता है। इसी थकान की वजह से कठिन कार्यों को बाद में करना चुनौंती हो जाता है। हम फिर से अगले दिन के लिए काम को टालने लगते है।

छोटे लक्ष्य बनाएं :- बड़े लक्ष्यों को एक बार में हासिल कर पाना आमतौर पर असंभव होता है। इसलिए बेहतर होगा कि उन बड़े लक्ष्यों को छोटे-छोटे लक्ष्यों में बांटिए। इन छोटे लक्ष्य को पूरा कीजिए और आगे बढ़ते रहिए।

डिजिटल उपवास:- स्मार्टफोन का आविष्कार समय की बचत के उद्देश्य से हुआ है। लेकिन अधिकतर युवा पीढ़ी सोशल मीडिया के जाल में फंसे हुए हैं। तो एक उपवास का नियम ऐसा भी बनायें जिस दिन आप प्रण लें कि स्मार्टफोन को सिर्फ कॉल करने तक ही सीमित रहूँगा।

नियमित व्यायाम:- तनाव जीवन में जितना कम होगा, उतना ही हमारा मन काम में लगे रहेगा। पढ़ाई के साथ-साथ नियमित व्यायाम, योगा, खेलकूद करते रहना चाहिए। इससे व्यक्तित्व निखरता है।

दैनिक अध्ययन:- इम्तिहान से चंद महीनों पहले किताब पढ़ने से श्रेष्ठ प्रदर्शन नही होता है। आज जितने भी लोग ऊँचे-ऊँचे बुलंदियों को छुआ है। उनका जीवन में एक ही मूलमंत्र रहा है। वे रोज अपने विषय का अध्ययन करके अपने क्षेत्र में पारंगत हासिल किए है। रोज स्वयं को अपडेट करते रहना होगा। जिस फील्ड में देखे हरतरफ काफी प्रतिस्पर्धा है। आपके फील्ड में उतरने से पहले ही कई लोग कड़ी मुकाबला कर रहे हैं।

सफलता के लिए दैनिक दिनचर्या क्यों आवश्यक है

कल्पना कीजिए कि आपका स्कूल अचानक नोटिस जारी करे कि, कुछ महीनों बाद फाइनल परीक्षाएं शुरू होंगे। जाहिर सी बात है कि हरकोई बेहतर अंको से उत्तीर्ण होने के लिए मेहनत करना चाहेगा। तो क्या आप केवल सप्ताह में किसी भी समय एक बार पढ़ेंगे या फिर परीक्षापर्यंन्त प्रतिदिन अध्ययन करेंगे?

यंहा अधिक संभावना रहेगा कि, आप एक दिनचर्या निर्धारित करेंगे, जिसमें किस विषय को कितना-कितना समय देना होगा और अंतिम विषय की परीक्षा तक हर दिन अध्ययन करेंगे। जो छात्र सूचना से पहले से ही दिनचर्या बनाकर निरंतर अध्ययन किया होगा, वही श्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा।

सफलता की राह में भी यही नियम लागू होता है। यह तभी संभव होगा जब आपमें निरंतरता होगा। और यही निरंतरता दैनिक दिनचर्या के बिना असंभव है। यह दैनिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है जो आपको जीवन के लक्ष्यों के लिए जरुरी है। यह प्रतिदिन एक पौधे को जरुरत अनुसार पानी देने जैसा कार्य है। यदि आप उसे सप्ताह में एक बार केवल थोड़ा पानी देते हैं, या फिर पुरे सप्ताहभर का पानी एक ही दिन में डाल देते हो तो यह उतना मजबूत और स्वस्थ नहीं हो सकता है जितना कि अगर आप उसे हर दिन थोड़ी थोड़ी मात्रा में जल देते हैं।

यह व्यवस्थित तरीके से जिसकी प्राथमिकता अधिक होगा उसी को महत्व देगा। साथ ही व्यक्ति को प्रगति की ओर दिशा देता है, और मन विचलित होने से रोकता है।

स्वस्थ दिनचर्या के कुछ सुझाव

स्वास्थ्य जीवन शैली के लिए प्रमुख चार चीजें बहुत मायने रखता है :- व्यायाम, उचित भोजन, पर्याप्त आराम, और वित्तीय स्थिरता ।

व्यायाम:- अच्छा स्वास्थ्य के लिए शारीरिक व्यायाम आवश्यक है। जैसे कोई चलता-फिरता वाहन अगर कई सालों तक खड़ी रह जाए तो धीरे-धीरे उसके कलपुर्जों में जंग लगना शुरू हो जाता है।उसके मैकेनिकल पाइप्स जाम हो जाते है। ठीक उसी प्रकार हम शारीरिक गतिविधियों को करना बंद कर देंगे तो हमारा शरीर कई बिमारियों से ग्रसित होने लगेंगे। इसलिए रोज कम से कम 30 मिनट का सामान्य कसरतों को करने की कोशिश कीजिए। एक स्वस्थ जीवन शैली के लिए 30 मिनट कसरत पर्याप्त होता है।

उचित भोजन:- भोजन शरीर को ऊर्जावान बनता है, जो हमारे कार्य क्षमता को बढ़ाता है। जैसा किसी वाहन को चलने के लिए पेट्रोल-डीजल की आवश्यकता होती है, ठीक वैसा ही शारीरिक पोषण के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन की जरूरत होती है। एक स्वस्थ आहार में मुख्यतः फलों, सब्जियों, अनाज और निम्न मांसाहारी भोजन को शामिल करना चाहिए। अधिक तेलयुक्त भोजन, मीठे पेय एवं व्यंजनों को परहेज कीजिए। हमेशा क्षमतानुसार संतुलित आहार ही लीजिए।

पर्याप्त आराम:- शरीर के लिए व्यायाम जितना आवश्यक है, उतना ही आराम की जरूरत होता है। आराम करने से शरीर रिचार्ज होती है। 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लीजिए, और देर से सोने या जल्दी ना उठने के आदतों को दूर करें।

वित्तीय स्थिरता:- वित्तीय स्थिरता के बिना ऊपर लिखे गये कोई भी लक्ष्यों को हासिल कर पाना असंभव है। तो जब तक आपका कोई पैसा कमाने का जरिया, जॉब या फिर व्यवसाय ना सुनिश्चित कर पायें। आपको ऊपर चिन्हित सभी बिन्दुओं से समझौता करना पड़ेगा। तो सबसे पहले अपने करियर को प्राथमिक लक्ष्य मानकर, इसे महत्व दीजिए। आप निश्चय ही एक समय बाद स्वस्थ जीवनशैली जीना शुरू करेंगें।

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